भारत की राजधानी नई दिल्ली में हाल ही में आयोजित "इम्पैक्ट ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस 2026" शिखर सम्मेलन में ट्यूनीशियाई गणराज्य के भारत स्थित दूतावास ने भाग लिया। इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के नेताओं और प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति रही। दूतावास द्वारा सोशल मीडिया मंच "फेसबुक" पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुशासन के लिए एक साझा रोडमैप तैयार करना तथा मानवता की सेवा, समावेशी विकास को बढ़ावा देने, सामाजिक प्रगति को सुदृढ़ करने और मानव-केंद्रित तथा पर्यावरण संरक्षण उन्मुख नवाचारों का समर्थन करने के लिए तकनीकों के उपयोग में सहयोग को मजबूत करना है। सम्मेलन का एक प्रमुख लक्ष्य वैश्विक दक्षिण के देशों की आवाज़ को सामने लाना भी था, ताकि तकनीकी प्रगति और उससे जुड़े अवसरों का अधिक न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित किया जा सके। करीब 2,50,000 प्रतिभागियों की उपस्थिति वाले इस सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाली प्रमुख वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के अधिकारी, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, निवेशक, नवोन्मेषक और शोधकर्ता शामिल हुए। सम्मेलन में तीन मुख्य विषयों — मानव, पृथ्वी और प्रगति — पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, जिनके अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य तथा उसके आर्थिक और नियामक प्रभावों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा की गई। यह शिखर सम्मेलन बहुपक्षीय पहलों को सुदृढ़ करने, नई प्राथमिकताओं को प्रस्तुत करने और व्यावहारिक सहयोगी ढाँचों के विकास के लिए एक मंच साबित हुआ, जिससे उच्च-स्तरीय राजनीतिक घोषणाओं को ठोस प्रभाव और वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहयोग के क्षेत्र में वास्तविक प्रगति में परिवर्तित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके। تابعونا على ڤوڤل للأخبار